‘वायु’ तूफान की आहट से गुजरात और महाराष्ट्र में अलर्ट

नई दिल्ली : ‘वायु’ तूफान की आहट से गुजरात में हाई अलर्ट है। 120 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद है। NDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। तटीय इलाके खाली कराए जा रहे हैं। लेकिन जब तक ये आसमानी मुसीबत निकल नही जाती तब तक चैन से बैठना मुमकिन नहीं। अरब सागर पर बने लो प्रेशर के कारण गुरुवार को गुजरात के तट से 150 किमी की रफ्तार से टकरा सकता है वायु तूफान। वायु से निपटने के लिए गुजरात प्रशासन से लेकर केन्द्र तक एलर्ट पर है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात तूफान ‘वायु’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए संबंधित राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सुनिश्चित करने के लिए संभव उपाय खोजने के निर्देश दिए। भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, थल सेना और वायु सेना की इकाइयां निगरानी के लिए तैनात कर दी गई हैं।

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में हो रही झमाझम बारिश भी इसी वायु असर है। मुम्बई में केवल तेज बारिश और हवाओं का अंदेशा है। उधर गुजरात में कच्छ, जामनगर, जूनागढ़, द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, भावनगर, और सोमनाथ जिलों को ‘वायु’ तूफान प्रभावित कर सकता है। गुजरात के पोरबंदर, महुवा, वेरावल और दियु में 135 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। लिहाजा कच्छ से लेकर दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इलाके में एनडीआरएफ की 36 टीमें तैनात रहेंगी। वायु के वेग को देखते हुए गुजरात प्रशासन अलर्ट पर है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि गुजरात प्रशासन ओडिशा सरकार से मदद ले रहा। फानी तूफान से बहेतर तरीके से निपटने वाली उड़ीसा सरकार और विशेषज्ञों ने गुजरात सरकार लगातार संपर्क में हैं और उनकी मदद से राहत और बचान कार्यों का रोडमैप बन रहा है।

सूबे के सभी मंत्री राहत और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने के लिए जाएंगे। सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है और उनसे ड्यूटी पर लौटने को कहा गया। तटीय इलाकों में सभी स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को 13 और 14 जून को बंद रखा गया है। मतलबा साफ है वायु से निपटना होगा तो तैयारी पक्की करनी पड़ेगी। वैसे फानी से जबरदस्त मुकाबला कर हमारे देश ने दिखा दिया कि अगर वक्त रहते चेतावनी मिल जाए और उससे निपटने की कारगर रणनीति जमीनी स्तर पर उतर जाए तो ऐसे बड़े बडे खतरों को भी टाला जा सकता है।

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