भारत मां की सुरक्षा में बीएसएफ आग उगल रहे तापमान पर भी मुस्तैद

नई दिल्ली: इन दिनों पूरे उत्तर भारत में सूर्य देवता आग उगल रहे हैं। देश के कई हिस्सों में तापमान का पारा 55 डिग्री के पास पहुंच गया है। गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। ऐसे में रेगिस्तानी इलाकों में भारत मां की सरक्षा में तैनात हमारे बीएसएफ के जवान और अधिकारियों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। थार का रेगिस्तान अंगारों के समान दहक रहा है। पाकिस्तानी बॉर्डर के पास इन दिनों पारा 50 डिग्री से ऊपर चल रहा है। तापमान इतना बढ़ गया कि जैसलमेर में दोपहर में बिना आग जलाए तपती रेत पर ही बीएसएफ के जवान पापड़ आसानी से सेंक रहे है। इसके अलावा जवान चावल भिगोकर बर्तन में रेत में रख देते हैं और तेज धूप में थोड़ी देर में वे पक जाते हैं।

कुछ जवानों की चमड़ी पर सन बर्न का असर नजर आने लगा है। जैसलमेर जिले में पाकिस्तान की सीमा के निकट स्थित मुरार सीमा चौकी पर तापमान कई बार 52 डिग्री को पार कर चुका है। तापमान 50 डिग्री होने पर जमीन तपना शुरू हो जाती है। जमीन का तापमान और लगातार सूर्य की किरणें पड़ने के कारण 60 डिग्री के बराबर गर्मी पैदा हो जाती है। पाक से सटी मुरार सीमा चौकी पर अत्यधिक तापमान होने पर जवानों को रेतीले धोरों पर लू झुलसा रही है। ढोला पोस्ट पर बीएसएफ की 72वीं बटालियन के संजय केलनोर, नवातला पोस्ट पर तैनात 37वीं बटालियन के इब्राहीम और 63 वी.बटालियन के एस. वैद्य को गंभीर स्थिति में शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये जवान कई दिनों से भीषण गर्मी में ऊंट पर सीमा की चौकसी कर रहे थे। कुछ अन्य जवान भी गर्मी के कारण बीमार हुए जिनका मौके पर ही इलाज किया जा रहा है।

बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से तापमान 48 से 49 डिग्री तक पहुंच रहा है। एक-दो बार तो 49 डिग्री भी पार कर गया है। सूरज की तपन से रेत के टीले इतने गर्म हो जाते हैं कि उन पर आसानी से पापड़ सेंका जा सकता है। पिछले साल मुरार सीमा चौकी पर जवानों ने लगातार दो दिन तक रेती पर पापड़ सेंके थे। बीएसफ अधिकारियों का कहना है कि मई और जून माह हर साल गर्म रहते हैं। ऐसे में जवान पहले से ही तैयार रहते हैं। गर्मी चाहे कितनी भी हो गश्त हमेशा जारी रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!