केरल में मानसून ने दी दस्तक

नई दिल्ली: भीषण गर्मी और सूखे से बेहाल लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रचंड गर्मी के बीच केरल में तकरीबन एक सप्ताह की देरी से मानसून ने दस्तक दे दी है। केरल के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग में केरल में मानसून के पहुंचने की पुष्टि करते हुए केरल और लक्षद्वीप में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी  है। मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, लक्षद्वीप, मालदीव क्षेत्र, दक्षिण पूर्व अरब सागर और मन्नार की खाड़ी के ऊपर 35-45 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है। विज्ञप्ति के अनुसार मौसम खराब होने के कारण राज्य के मछुआरों को नौ, 10 और 11 जून को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है।

केरल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केडीएमए) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने के मद्देनजर राज्य के विभिन्न जिलों में नौ से 11 मई तक रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के कुछ हिस्सों में 115-204.5 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान जताया गया है। त्रिशूर में 10 जून के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि एनार्कुलम, मलाप्पुरम और कोझिकोड जिले में 11 जून के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलापुझा, एनार्कुलम और त्रिशूर में 9 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलापुझा, एनार्कुलम, मलाप्पुरम और कोझिकोड जिले में 10 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि कोल्लम, अलापुझा और कोट्टयम जिले में 11 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आठ जून के लिए तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलापुझा, एनार्कुलम और त्रिशूर जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। नौ जून के लिए पठानमथिट्टा, कोट्टयम, इडुक्की, पलाक्कड़, मलाप्पुरम और कोझिकोड जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। कोट्टयम, इडुक्की और पलाक्कड़ में 10 जून के लिए येलो अलर्ट घोषित है। जबकि वायानाड जिले में 11 जून के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

देने से न केवल लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्‍मीद जगी है, बल्कि यह कृषि कार्यों के लिए भी बेहद मुफीद है, क्‍योंकि ग्रामीण भारत में कृषि कार्य काफी हद तक बारिश के पानी पर ही निर्भर हैं और देश के पश्चिमी व दक्षिणी हिस्‍सों में कई स्‍थानों पर जलाशयों का पानी निचले स्‍तर तक पहुंच गया है। केरल में मानसून से भारत के अन्‍य हिस्‍सों में भी लोगों ने राहत की सांस ली है, जिन्‍हें अपने इलाकों में भी मानसून के देर-सबेर दस्‍तक देने की उम्‍मीद है। पिछले दिनों में राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली सहित उत्‍तर भारत के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्यिस को पार कर गया था, जबकि राजस्‍थान के चुरु में यह 50 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो गया था।

राष्‍ट्रीय राजधानी द‍िल्‍ली में मानसून के आने में हालांकि अभी तकरीब तीन सप्‍ताह की देरी है। आम तौर पर यहां 29 जून को मानसून पहुंचता है। आईएमडी ने हालांकि गुरुवार को ही कहा था कि यहां मानसून पहुंचने में एक-दो दिनों की देरी हो सकती है। वहीं, स्‍काईमेट के अनुसार, इसमें एक सप्‍ताह तक की देरी हो सकती है। मौसम विभाग ने राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली सहित पश्चिमोत्‍तर भारत में सामान्‍य मानसून होने के आसार जताए हैं। मानसून 2014 में 5 जून को, 2015 में 6 जून को और 2016 में 8 जून को आया था। जबकि, 2018 में मानसून ने केरल में तीन दिन पहले 29 मई को ही दस्तक दे दी थी। पिछले साल सामान्य बारिश हुई थी।

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