नीतीश के एक और पैंतरे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी

नई दिल्ली: राजनीतिक यू टर्न से बार बार सबको चौंकाने वाले नीतीश कुमार के एक और पैंतरे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। नीतीश कुमार अपने धुर विरोधी माने जाने वाले जीतन राम मांझी की इफ्तार पार्टी में पहुंच गए। इस पार्टी में तेजस्वी और राबड़ी देवी भी आमंत्रित थे। हालांकि नीतीश कुमार जब पार्टी में पहुंचे तब तेजस्वी राबड़ी वहां से जा चुके थे। जेडीयू इसके राजनीतिक शिष्टाचार बता रही है हालांकि अटकलें लगने लगी हैं कि क्या नीतीश कुमार की महागठबंधन में वापसी हो सकती है। 24 घंटे के भीतर यह दूसरा मौका था, जब नीतीश कुमार व जीतनराम मांझी की मुलाकात हुई। इसके साथ किसी सियासी खिचड़ी के पकने कर आशंका गहरा गई है। यह आशंका राबड़ी देवी के इस बयान के बाद और गहरा गई है कि उन्‍हें नीतीश कुमार की महागठबंधन में वापसी पर आपत्ति नहीं है।

दरअसल सोमवार की शाम ‘हम’ सुप्रीमो जीतनराम मांझी ने अपने आवास पर इफ्तार पार्टी रखी। इसमें विपक्षी महागठबंधन के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे। आरजेडी की तरफ से सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्‍नी व पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव भी इसमें शामिल हुए। इसके पहले रविवार को पटना के हज भवन में आयोजित जेडीयू की इफ्तार पार्टी में जीतन राम मांझी अचानक पहुंच गए थे। इसे लेकर नये सियासी समीकरण को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया। जेडीयू के इफ्तार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मांझी का स्वागत किया। उधर, जेडीयू के इफ्तार में भारतीय जनता पार्टी के नेता नहीं पहुंचे।  मांझी के नीतीश कुमार के इफ्तार में पहुंचने के सियासी मायने निकाले ही जा रहे थे कि अब सोमवार को नीतीश कुमार भी मांझी की इफ्तार पार्टी में शिरकत करने पहुंचे।

नीतीश कुमार के आने के पहले राबड़ी देवी चलीं गईं, लेकिन उन्‍होंने जाते-जाते बड़ी बात कह दी। उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें नीतीश कुमार की महागठबंधन में वापसी पर कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन इसका फैसला महागठबंधन मिलकर करेगा। जीतन राम मांझी ने भी कहा कि यदि बीजेपी को परास्त करने के लिए नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होते हैं तो सहयोगियों के साथ मिलकर वे स्वयं इसके लिए प्रयास करेंगे। यदि नीतीश कुमार की सहमति होती है तो वे महागठबंधन के अन्य सहयोगियों के साथ बैठक कर आगे का प्रस्ताव तैयार करेंगे। नीतीश कुमार व जीतनराम मांझी की लगातार दो दिनों की दो मुलाकातों तथा मांझी व राबड़ी देवी के बयानों को लेकर सियासी कयासबाजी शुरू है। इन कयासों को लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार में जेडीयू के एक सीट की प्रतीकात्‍मक हिस्‍सेदारी से इनकार तथा इसके बद बिहार में कैबिनेट विस्‍तार में बीजेपी व लोक जनशक्ति पार्टी को जगह नहीं देने से हवा मिली है। हालांकि, खुद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी एनडीए में ‘ऑल इज वेल’ का दावा कर चुके हैं। महागठबंधन के नेता भी अपनी एकता का दावा कर रहे हैं।

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